नवग्रह बीज मंत्र
नौ ग्रहों के बीज मंत्र, आरंभ का वार और ग्रंथों में दी गई जप संख्या सहित।
बीज मंत्र किसी ग्रह की प्रार्थना का संक्षिप्ततम रूप है। इसे उस ग्रह के वार से आरंभ किया जाता है, माला पर प्रतिदिन 108 बार जपा जाता है, और ग्रंथों में दी गई कुल संख्या तक पूरा किया जाता है।
| ग्रह | मंत्र | कुल जप | आरंभ |
|---|---|---|---|
| सूर्य | ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः | 7,000 | रविवार |
| चंद्र | ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः | 11,000 | सोमवार |
| मंगल | ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः | 10,000 | मंगलवार |
| बुध | ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः | 9,000 | बुधवार |
| गुरु | ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः | 19,000 | गुरुवार |
| शुक्र | ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः | 16,000 | शुक्रवार |
| शनि | ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः | 23,000 | शनिवार |
| राहु | ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः | 18,000 | शनिवार |
| केतु | ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः | 17,000 | मंगलवार |
कौन-सा जपें
जिस ग्रह की दशा चल रही हो, या जो आपकी कुंडली में निर्बल हो — सभी नौ नहीं। मंत्र में कोई खर्च नहीं होता, और इसीलिए ग्रंथ इसे पहला उपाय बताते हैं, जबकि बेचने वाले इसे अंत में।
आपकी कुंडली के अनुसार ग्रह यहां दिखेंगे — kundli.ratnayog.com/remedies।
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